नींद न आने से परेशान लोगों के लिए घर की चीजों से अंधेरा करने के तरीके

रात के ग्यारह बज चुके हैं, रसोई का सारा काम समेटकर और सबको दूध देने के बाद जब मैं अपने कमरे में आती हूँ, तो थकावट से आँखें बंद होने लगती हैं। लेकिन जैसे ही बिस्तर पर लेटती हूँ, खिड़की के बाहर लगी उस सरकारी गली की लाइट सीधे मेरे चेहरे पर पड़ती है। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है, बहनों? दिनभर की भागदौड़ और संयुक्त परिवार की जिम्मेदारियों के बाद, जब हमें रात का आराम चाहिए होता है, तो यह बाहरी रोशनी हमारी गहरी नींद में खलल डाल देती है।

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा से राहत पाना एक बड़ा काम बन गया है। हमारे शरीर में प्राकृतिक नींद के लिए 'मेलाटोनिन' नाम का एक तत्व बनता है, जो केवल रात का अंधेरा होने पर ही सही से काम करता है। अगर कमरे में हल्की रोशनी भी आती रहे, तो दिमाग को लगता है कि अभी सुबह होने वाली है। इसलिए, आज मैं आपके लिए कुछ ऐसे 'सस्ते और टिकाऊ' घरेलू उपाय लेकर आई हूँ, जिससे आप बिना किसी बड़े खर्च के अपने कमरे में अंधेरा करने के उपाय अपना सकती हैं और एक सुकून भरी रात पा सकती हैं।

खिड़की की रोशनी और गली की लाइट को रोकने के देसी जुगाड़

हमारे घरों में अक्सर पतले सूती परदे लगे होते हैं, जो हवा के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन रात को बाहर की रोशनी को अंदर आने से नहीं रोक पाते। इसके लिए बाजार से महंगे परदे खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

  • भारी परदे का विकल्प: अगर आपके पास कोई पुरानी भारी सूती साड़ी या शॉल रखी है, तो उसे रात के समय अपने पतले परदे के पीछे क्लिप या चिमटी की मदद से टांग दें। यह एक बेहतरीन 'देसी जुगाड़' है जो खिड़की से आने वाली रोशनी को पूरी तरह रोक देता है।
  • परदे का रंग: हमेशा ध्यान रखें कि सोने के वातावरण को शांत बनाने के लिए गहरे रंग के कपड़ों का इस्तेमाल करें। गहरा नीला, कत्थई या हरा रंग रोशनी का नियंत्रण करने में बहुत मददगार होता है।

नींद न आने से परेशान लोगों के लिए घर की चीजों से अंधेरा करने के तरीके

कमरे के भीतर की नीली रोशनी से बचाव और जीरो वाट का बल्ब

बाहर की रोशनी के अलावा, हमारे कमरे के अंदर भी कई ऐसी चीजें होती हैं जो हमारी आँखों को सोने नहीं देतीं।

  • मोबाइल की लाइट: हममें से कई बहनों की आदत होती है कि सोने की तैयारी करते समय भी फोन देखती रहती हैं। मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी हमारे दिमाग को जगाए रखती है। सोने से कम से कम आधा घंटा पहले फोन को खुद से दूर रख दें।
  • जीरो वाट का बल्ब: अगर आपके कमरे में कोई तेज रोशनी वाला नाइट बल्ब जलता है, तो उसे बदलकर हल्के पीले या लाल रंग का 'जीरो वाट का बल्ब' लगाएं। पीली या लाल रोशनी हमारी आँखों को चुभती नहीं है और इससे मेलाटोनिन बनने में रुकावट नहीं आती।
  • चमकते हुए स्विच बोर्ड: कमरे के कोने में लगे इनवर्टर या स्टेबलाइजर की छोटी लाल-हरी लाइटों पर कोई छोटा सा कागज का टुकड़ा या काला टेप चिपका दें। यह बिना खर्च बदलाव आपके कमरे को एक शांत कमरा बना देगा।

आँखों की पट्टी और बेड का कोना: खुद के लिए बनाएं एक सुरक्षित कोना

जब परिवार बड़ा हो, तो कई बार पूरे कमरे को पूरी तरह अंधेरा करना मुमकिन नहीं हो पाता। हो सकता है कि बच्चों की पढ़ाई या किसी और वजह से कमरे में थोड़ी रोशनी रखनी पड़े।

  • आँखों की पट्टी (आई मास्क): ऐसे समय में आँखों की पट्टी सबसे अच्छा घरेलू उपाय है। आप घर पर ही किसी मुलायम सूती या रेशमी कपड़े से इसे सिल सकती हैं। यह आँखों पर बिल्कुल दबाव नहीं डालती और आपको तुरंत रात का अंधेरा महसूस कराती है।
  • बेड का कोना बदलना: अपने बिस्तर की दिशा इस तरह रखें कि सोते समय आपका चेहरा सीधे खिड़की या दरवाजे की तरफ न हो। बेड का कोना ऐसा चुनें जहाँ सीधी रोशनी न पड़ती हो।

अपनी सेहत का रखें ख्याल

मेरी प्यारी सखियों, एक स्वस्थ परिवार की नींव हमारी खुद की सेहत पर टिकी होती है। जब तक हम खुद चैन की नींद नहीं सोएंगे, तब तक सुबह उठकर पूरे घर को खुश कैसे रख पाएंगे? इन छोटे-छोटे बदलावों को आज ही आजमाकर देखें। जरूरी नहीं कि सब कुछ एक ही दिन में ठीक हो जाए, लेकिन खुद के लिए किया गया एक छोटा सा प्रयास भी बहुत मायने रखता है।

आशा करती हूँ कि ये छोटे उपाय आपकी रातों को और अधिक शांतिपूर्ण बनाएंगे। अपना ख्याल रखें।