पहली बार योग करने वालों के लिए रात का आसान प्राणायाम

कल रात जब रसोई का सारा काम समेटकर मैं सोने गई, तो दिमाग में कल की तैयारी और बच्चों की बातें घूम रही थीं। पूरा दिन परिवार की सेवा में कैसे निकल जाता है, पता ही नहीं चलता। ऐसे में खुद के लिए थोड़ा सा समय निकालना और मन को शांत करना बहुत जरूरी हो जाता है। आज मैं अपनी सभी बहनों के लिए एक बहुत ही सरल और असरदार तरीका लेकर आई हूँ, जिससे आप दिनभर की मानसिक थकान को भूलकर एक शांतिपूर्ण नींद पा सकेंगी। इसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है, आप इसे अपने बिस्तर पर प्राणायाम के रूप में आसानी से कर सकती हैं।

पहली बार योग करने वालों के लिए रात का आसान प्राणायाम

सोने से पहले प्राणायाम क्यों है जरूरी?

दिनभर की भागदौड़ और घर के कामों के बाद हमारा शरीर तो थक जाता है, लेकिन दिमाग शांत नहीं होता। रात का प्राणायाम हमारे शरीर की गर्मी को शांत करता है और मन को गहरी नींद के लिए तैयार करता है। यह अनिद्रा का घरेलू उपाय है जो बिना किसी झंझट के आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जब हम सोने से पहले प्राणायाम करते हैं, तो यह हमारे तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, जिससे तनाव कम करना बेहद आसान हो जाता है।

प्राणायाम के नियम: रात के अभ्यास के लिए

शुरुआती प्राणायाम करने वालों के लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके: - भोजन का अंतर: रात के भोजन और प्राणायाम के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर होना चाहिए। - शांत वातावरण: कमरे की खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि ताजी हवा आ सके। - आरामदायक स्थिति: बिस्तर पर सुखासन में बैठें। यदि पीठ में दर्द हो, तो दीवार का सहारा ले सकती हैं। - सहजता: सांस लेने का तरीका बिल्कुल धीमा और प्राकृतिक होना चाहिए। शरीर पर कोई दबाव न डालें।

बिस्तर पर किए जाने वाले 2 आसान प्राणायाम

यहाँ दो बेहद सरल तकनीक दी गई हैं जिन्हें कोई भी पहली बार में आसानी से कर सकता है:

1. चंद्र भेदन प्राणायाम (शरीर को ठंडक देने के लिए)

यह प्राणायाम हमारे शरीर के चंद्र स्वर (बाईं नासिका) को सक्रिय करता है, जिससे शरीर को शीतलता मिलती है और मन शांत होता है। - विधि: अपने दाहिने हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को धीरे से बंद करें। अब बाईं नासिका से गहरी और धीमी सांस अंदर लें। इसके बाद बाईं नासिका को अनामिका उंगली से बंद करें और दाईं नासिका से सांस को पूरी तरह बाहर छोड़ दें। इसे रोजाना रात को 5 से 10 बार दोहराएं। यह फेफड़ों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

2. भ्रामरी प्राणायाम (दिमाग के शोर को शांत करने के लिए)

यह सांस की कसरत आपके दिमाग में गूंजने वाले विचारों को शांत करने का सबसे बेहतरीन घरेलू योग है। - विधि: अपनी आंखों को बंद करें और दोनों कानों को अंगूठे से हल्का दबाएं। अपनी उंगलियों को माथे और आंखों पर हल्के से रखें। अब नाक से गहरी सांस लें और मुंह बंद रखते हुए 'मूं...' की आवाज (मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट) करते हुए सांस बाहर छोड़ें। इस दौरान अपना पूरा ध्यान सांस पर ध्यान लगाने का तरीका पर केंद्रित करें। 3 से 5 बार इसका अभ्यास करने से ही आपको अद्भुत शांति महसूस होगी।

स्वस्थ नींद के लिए एक छोटा सा सुझाव

मेरी प्यारी सखियों, स्वस्थ नींद ही हमारे अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। आज रात से ही इस आरामदायक नींद के नुस्खे को अपनाएं। जब आप बिस्तर पर प्राणायाम पूरा कर लें, तो कुछ मिनट शांत बैठें और अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। खुद को थोड़ा समय देना कोई स्वार्थ नहीं, बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ और खुश रखने का पहला कदम है।

आशा करती हूँ कि यह सरल तकनीक आपके जीवन में शांति लेकर आएगी। इसे आज ही आजमाएं और मुझे बताएं कि आपको कैसी नींद आई। आप सभी के घर में सुख और शांति बनी रहे। शुभ रात्रि।